व्यवहृत या वव्यहारिक अनुसन्धान का अर्थ विशेषताएं एवं कमिया

व्यवहृत या वव्यहारिक अनुसन्धान का अर्थ

व्यवहृत या वव्यहारिक अनुसन्धान ,अनुसन्धान का सबसे सामान स्वरूप माना जाता है| यह भौतिक रूप से सिद्धांत विचारों का व्यावहारिक रूप माना जाता है| जिसे हम वास्तविक सामान्य आत्मक परिस्थिति की पूर्ण कथा उसकी व्याख्या और उससे संबंधितवर्णन के लिए प्रयोग में लाते हैं|

जॉन डीवी बेस्ट का विचार है कि अधिकांश शैक्षिक अनुसंधान व्यावहारिक अनुसंधान के रूप में ही होते हैं जो शिक्षण अधिगम प्रक्रिया और अनुदेशन सामग्री के बारे में समानीकरण के विकास का प्रयास करते हैं|

शैक्षिक खोजबीन पहनता है अनुशासनिक प्रकृति की होती है इसलिए इस तरह के किए गए अनुसंधान को प्रायः हम व्यावहारिक अनुसंधान के रूप में मानते हैं|

व्यावहारिक या व्यावहारिक या किसी सिद्धांत ज्ञान के भंडार सिद्धांत या नियम को किसी विशिष्ट परिषद में लागू करने के संदर्भ में प्रयुक्त होता है। जिसे हम शिक्षा अधिगम और मूल्यांकन की प्रक्रिया के संदर्भ में उदाहरण के संदर्भ में देख सकते हैं| इसे हम प्रयोगशाला और क्षेत्र दोनों ही परिस्थितियों में लागू कर सकते हैं|

व्यवहृत या वव्यहारिक अनुसन्धान उद्देश्य


किसी प्रक्रिया या परिवार के सुधार के संदर्भ में लिया जाता है |जिससे हम नवीन सिद्धांतों अथवा विचारों और उसके आधार पर प्राप्त समानीकरण को वास्तविक जीवन में व्यावहारिक स्वरूप प्रदान करना है|
या
यह अनुसंधान ज्ञान के विस्तार या किसी सिद्धांत के निरूपण से संबंधित ना होकर पूर्व में किए गए मौलिक अनुसंधान के व्यावहारिक स्वरूप में उसे अर्थ युक्त एवं अर्थपूर्ण और सुधारात्मक स्वरूप प्रदान करने में प्रयोग करने से संबंधित होता है|

शिक्षण तकनीक के की अभिक्रमित अनुदेशन, अभिक्रमित अधिगम , कक्षा कक्ष अंतः क्रिया, मापन ,मूल्यांकन, प्रशासन एवं पर्यवेक्षण विद्यालय प्रवेश तथा शैक्षिक प्रबंधन नदी पर किए गए अनुसंधान को व्यावहारिक अनुसंधान की श्रेणी में रखा जाता है।

व्यवहृत या वव्यहारिक अनुसन्धान की विशेषताएं

व्यावहारिक अनुसंधान का संबंध यथार्थ किसी मूर्त एवं अमूर्त दोनों स्थितियों से है क्योंकि इसमें पूर्व में किए गए शोधों से संबंधित ज्ञान अथवा उस पर आधारित सिद्धांत का प्रयोग जीवन की वास्तविक अथवा मूर्त जो दिखाई पड़ती है घटनाओं के संबंध में किया जाता है। जिसके आधार पर गुणात्मक एव parinatmak संबंधों का अनुमान लगाया जाता है।

व्यावहारिक अनुसंधान की प्रमुख उद्देश्य एक प्रयोजनवाद जांच या समीक्षा प्रस्तुत करना है| जिससे पूर्व निरूपित नियमों सिद्धांतों और सामान्य कारणों का प्रयोग किन संभावित दशाओं या परिस्थितियों में किया जा सकेगा इसके बारे में पता लगाना प्रमुख उद्देश्य होता है

रेवरी तो या व्यावहारिक अनुसंधान का संदर्भ उन सभी तत्कालिक एवं दीर्घकालिक परिस्थितियों से जुड़ा होता है| जिसमें पूर्व ज्ञात तथ्य शक्तियों एवं सिद्धांतों का प्रयोग संगत कहा जा सकता है ।

व्यावहारिक अनुसंधान के अंतर्गत शोध की परिकल्पना संबंधों की संरचना की दृष्टि से अधिकतर परिस्थितियों में इसका स्वरूप यदि ऐसा किया जाए तो यह परिणाम होगा।

मौलिक अनुसंधान की तरह व्यावहारिक अनुसंधान में भी समग्र को परिभाषित किया जाता है तत्पश्चात उसके आधार पर प्रतिदर्श का चयन किया जाता है।

व्यावहारिक अनुसंधान के अंतर्गत प्रमुख उद्देश्य कुछ निश्चित समानीकरण पर पहुंचाना होता है परंतु इस तरह से विकसित सामान्यीकरण उद्देश्य मौलिक अनुसंधान से स्पष्ट रूप से भिन्न होता है |

शैक्षिक परिस्थितियों में व्यावहारिक अनुसंधान का उपयोग प्रत्यक्ष होता है| इसलिए कृषि अनुसंधान ओके निहितार्थ हो और उसके आधार पर निर्देशक रूपरेखा ओं अलग से व्यक्त किया जाता है ताकि इस शैक्षिक परिस्थितियों और उनसे संबंधित प्रक्रिया में सुधार लाने में सहायता प्राप्त हो सके।

व्यावहारिक अनुसंधान की सीमाएं अथवा कमियां

ऐसी व्यवहारिक प्रसिद्धि किया जिसमें प्राप्त समानीकरण एवं ज्ञान क्यों लागू करना होता है वे अत्यंत गतिशील जटिल एवं स्पष्ट होती हैं| जिससे इन पर कठोर नियंत्रण एवं फॉर संरचनात्मक स्वरूप को लागू करना असंभव होता था पूरी शोध प्रक्रिया समय एवं धन की दृष्टि से अपेक्षाकृत वह पूर्ण होती है।

क्रियात्मक अनुसन्धान

व्यवहृत या वव्यहारिक अनुसन्धान

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